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सूरज

. सूरज सूरज, तू न होता
. धरती पर जीवन न होता

न होती नदियां और सागर
न पानी के मीठे निर्झर

नहीं होता खेतो में अन्न
बोलो क्या फिर खाते हम

न धरती होती हरियाली
न होती फूलों की क्यारी

वर्षा का नहीं होता नाम
न होती सुबह और श्याम

बार बार हर बार हजार
सूरज तुम को नमस्कार।

.. सूरज जीवन का आधार
… सूरज तुम को नमस्कार।

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Santosh Khanna
Santosh Khanna
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Poet, story,novel and drama writer Editor-in-Chief, 'Mahila Vidhi Bharati' a bilingual (Hindi -English)quarterly law journal