Skip to content

सूख गये उद्यान

RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA

दोहे

April 25, 2017

दूषित है जलवायु अब,…सूखे कई प्रदेश !
चलो लगायें बाग हम,मिलकर सभी रमेश !!

माली उपवन का जहाँ,…..बन जाए सय्याद!
वहाँ सुनेगा कौन फिर, बुलबुल की फरियाद !!

हरियाली गायब हुई,.. ..सूख गये उद्यान !
और करो खिलवाड तुम,कुदरत से इन्सान!!

करे स्वंय ही हाथ से,माली अगर उजाड़ !
जाहिर है उद्यान में,.. व्यर्थ लगाना बाड़ !!
रमेश शर्मा.

Share this:
Author
RAMESH SHARMA
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा
Recommended for you