Aug 13, 2017 · कविता
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सुबह हुआ भौरों ने यह बात बतायी

हुआ सबेरा प्राची है मुस्काई
नजर मिली फूलो से उसकी
मन मे तब है रति आयी
हुई प्रीति सूरज कलियो से
भौरे ने आकर बात बताई
नजर पडी चिडियो की जब तो
देखा प्रेम मगन दोनो को
घूम घूम कर गीत सुनाई
पता चला जब शीत पवन को
बहने लगी सुंदर पुरवाई।
प्रेम मगन हो उठा सूर्य है
दिखने लगी उसकी तरुणाई
कर से स्पर्श करे कलियो को
कोयल को यह बात सुहाई।
मगन मुदित है कोकिल देखो
सुन्दर गीत रही सुनाई
बात चली जब दोनो के प्रेम की
भौरों ने सबको दिये बताई।

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Vindhya Prakash Mishra
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विन्ध्यप्रकाश मिश्र विप्र काव्य में रुचि होने के कारण मैं कविताएँ लिखता हूँ । मै... View full profile
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