कविता · Reading time: 1 minute

सुबह की हवाएं

सुबह की हवाएं, सुबह की हवाएं।
बहे धीमी मंद, सुबह की हवाएं।।
सुरीली गीत हैं सुनाती ये सुबह की हवाएं।
मन में विश्वास हैं जगाती सुबह की हवाएं।।
आस्था का भाव हैं जगाती सुबह की हवाएं।
उम्मीद की किरण हैं दिखाती सुबह की हवाएं।।
सब को मेहनत करना सिखाती सुबह की हवाएं।
सवेरे का आभास हैं कराती सुबह की हवाएं।।
फूलों की खुशबू के साथ आती सुबह की हवाएं।
पौधों में विकास को है दिखाती सुबह की हवाएं।।
जीवन आगे बढ़ाना सिखाती सुबह की हवाएं।
लोगों में नई सोच भर देती सुबह की हवाएं।।
सच बोलना सिखाती हैं ये सुबह की हवाएं।
मन को शीतलता दिलाती ये सुबह की हवाएं।।
लोगों के मन को हैं भाती सुबह की ये हवाएं।
मन को शांति दिलाती ये सुबह की हवाएं।।
पहाड़ की ऊंचाई हैं दिखाती सुबह की हवाएं।
भीनी भीनी खुशबू को हैं फैलाती सुबह की ये हवाएं।।
सच्चाई का पाठ हैं पढ़ाती सुबह की हवाएं।
बच्चों को पढ़ना लिखना सिखाती सुबह की हवाएं।।

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My Name Is Taran(Chotu) Verma And I Am A Agriculture College Student From Chhattisgarh state
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