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*सुप्रभात*

Ritu Asooja

Ritu Asooja

कविता

April 10, 2017

*सुप्रभात **
********
?वन्दन परमात्मा ,?
एक और नयी सुबह
नयी-नयी अभिलाषाएं
नव निर्माण को एक और क़दम
नयी पीढ़ी की नयी सोच संग ,
नव सपनों को सच करने की
नयी तरंग ,नया ढँग है ,नयी उमंग
नये इरादे, नयी सीढ़ियाँ ,
नयी दुनियाँ की ,नयी इबारत लिखने को
नयी पीढ़ी के नये क़दम
इस नयी पीढ़ी को ,
नव नूतन समाज की,
बुनियाद रखने को दो
परमात्मा तुम अपने आशीर्वाद
का संग, जीवन की सरगम
फले-फूले नव -नूतन समाज
चाहे नया रूप हो,नया-नया ढँग
सज्जनता संग , प्रग्रति के पथ पर
अग्रसर उन्नति की ऊंचाइयाँ ,छुये
मेरे देश का जन-जन ,
समृद्धि से परिपूर्ण हो मेरे देश
का कण-कण ।

Author
Ritu Asooja
जिस तरह समुंदर में लहरों का आना जाना लगा रहता है, इसी तरह मन मन्दिर भी विचारों का आना जाना जाना लगा रहता है , अपने विचारों को सही दिशा देकर परमात्मा की प्रेरणा से कुछ मनोरंजक, प्रेरणादायक लिखने की... Read more
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