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सुन मन मेरे

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

कविता

July 3, 2017

????
सुन मन मेरे
चल आज कुछ करें
मन की मन में न रहे
चल कुछ करे

सुन्दर प्रकृति बड़े
कितने रंग बिखेरे पड़े
चल खुद में रंग भरे
निखर-सँवर उठे
सुन मन मेरे……

दीप आशा की जले
मन में रोशनी भरें
अँधेरे से फिर लड़े
हिम्मत से चल आगे बढ़े
सुन मन मेरे…..

कुछ हलचल करें
मौन-शांत क्यों खड़े
कुछ उथल-पुथल करें
मन में उमंगें भरे
सुन मन मेरे………

सुन मन मेरे
चल आज कुछ करें
मन की मन में न रहे
चल कुछ करें
???—लक्ष्मी सिंह ?☺

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Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more