सुन पगली

सुन पगली, है पगली, तुम पगली
तेरे प्यार में मर जाऊं मैं पगली

केवल देखती, नहीं दिखाती हंस-हंसकर तड़पाती है
समय-समय पर कभी भी मुझसे मिलने नहीं आती है
इश्क पगली, प्यार पगली,दिल तु पगली
तेरे प्यार में मर जाऊं मैं पगली

जब जब घास करने जाती तब तब फोन करती है
उसी समय मेरा ऑफिस हमको बीजी कर जाती है
मिलने आजा, ओ राजा, कह जा पगली
तेरे प्यार में मर जाऊं मैं पगली

गीत – जय लगन कुमार हैप्पी

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