Nov 3, 2017 · कविता

*सुनो ओ मामाजी*

*सुनो ओ मामाजी*

अरे ओ मामा जी,,मामा जी,,
क्यों नही समझ तुमको आता जी,,

भांजे भांजी का हक न तुम मारो जी,,
शिक्षाविभाग में संविलियन करदो जी,,

थोड़ा संभलकर कर चलो जी,,
चुनावी वक़्त का दौर है आगे जी,,

सुनलो पुकार अध्यापको की भी,,
परेशानीयो का हल निकल दो जी,,

बंधनमुक्त पॉलिसी,अंनुकम्पा दो,,
इनके सीधेपन को न मानो इनकी कमजोरी जी,,

ये राष्ट्रनिर्माता है कल के भारत के जी,,
बहुत छिप लिए इनके आंदोलनों से बहुत बचलिया जी,,

अब सोनु की सुनो और मांग मानकर ,,
खुलकर इनका आमना सामना करो जी,,

? *सोनु जैन मंदसौर*?
*सहायक अध्यापिका मंदसौर*

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Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,,...
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