सुख के साथी

सुख में सब तो रहते हैं।
अपना मुझको कहते हैं।
दुख में पर पास न आयें।
घर में अपने छुप जायें।

अब मैं सब जान गया हूँ।
सबको पहचान गया हूँ।
उनसे बचके रहता हूँ।
खुद ही सब मैं सहता हूँ।

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