Skip to content

सुख की रोटी दाल

RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA

दोहे

April 16, 2017

आएगा क्या वाकई ,… ऐसा कोई साल !
जनता को जिसमे मिले,सुख की रोटी दाल !!

बीते सत्तर साल से, …ठोक रहे हैं ताल !
मिली कहाँ सबको मगर,सुख की रोटी दाल!!

नजरों मे मेरी मुझे, .लगे वही खुशहाल!
खाये दोनो वक्त जो,सुख की रोटी दाल!!

चाहे धन्ना सेठ हो,…..चाहे हो कंगाल !
मिले किसे इस दौर मे सुख की रोटी दाल!!

सरकारें आई गई, .अब भी खडा सवाल !
मिली कहाँ आवाम को,सुख की रोटी दाल !!

भौतिक सुख की चाह ने,ऐसा किया कमाल !
मिली नही इंसान को,.सुख की रोटी दाल !!
रमेश शर्मा..

Share this:
Author
RAMESH SHARMA
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you