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सीता विरह

Kumar Thakur

Kumar Thakur

हाइकु

September 19, 2017

हाइकु
*****

सीता विरह
है परीक्षा राम की
व्याकुल जिया
**************
कौन है जीता
तुम बिन प्रेयसी
राम के सिया
**************
प्राण विवश
जंगल में तुमने
साथ है दिया
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तुम बिन तो
है तड़पन लागे
श्रीराम हिया
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इस सावन
विरहन ना होगी
जनक धिया
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राजन राम
संग विराजे अब
संगिनी सिया

©कुमार ठाकुर

Author
Kumar Thakur
Kumar Thakur, Principal at KVS, Shayar, Poet, Writer, Teacher Trainer, Spoken English Trainer, Life Skills Trainer, Trained Counsellor... Loves Poetry...
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