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“सियासत”

ramprasad lilhare

ramprasad lilhare

कविता

October 1, 2017

सियासत

सियासत का असर देखो
खान पान भी बदनाम हो गये
सब्जी सारी हिन्दू हो गई
बकरे सारे मुसलमान हो गये।

कहा तो गया था जनाब
खाते में आयेंगे पन्द्रह लाख
हमारे खातें तो खाली ही रहे
नेता सारे धनवान हो गये।

कहा तो यूं भी गया था साहब
सबका साथ सबका विकास
हमनें तो साथ दिया पर
नेता सारे बेईमान हो गये।

कहा तो ये भी गया था साहब
जनता हमार भगवान औ सेवा हमारा काम
जनता तो जनता ही रही
नेता ही यहां भगवान हो गये।

स्वरचित
रामप्रसाद लिल्हारे “मीना “

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Author
ramprasad lilhare
रामप्रसाद लिल्हारे "मीना "चिखला तहसील किरनापुर जिला बालाघाट म.प्र। हास्य व्यंग्य कवि पसंदीदा छंद -दोहा, कुण्डलियाँ सभी प्रकार की कविता, शेर, हास्य व्यंग्य लिखना पसंद वर्तमान में शास उच्च माध्यमिक विद्यालय माटे किरनापुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत। शिक्षा... Read more

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