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सिमटी हैं कलियाँ अगर

RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA

दोहे

January 24, 2017

छोड़ रही हर क्षेत्र में , आज बेटियां छाप !
कहने वाले क्यूं कहें, कन्या को अभिशाप !!

उत्तरदायी कौन है, ….किसकी है ये भूल ।
सिमटी हैं कलियाँ अगर, खिले नहीं हैं फूल ।।
रमेश शर्मा.

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Author
RAMESH SHARMA
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा
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