Jan 19, 2021 · कविता

“सिंदूरी”

🙏🏻सिंदूरी🙏🏻
अरमान उजागर,भावना का सागर!

अंधेरे की रोशनी,आशा की ज्योति!

शांति महक,पवन चहक!

तेरी कृपा,पवित्र दिशा!
फूलों का श्रिंगार, आस और पास!🌺

सिंदूरी भोग,दिल को खोल!
संकट मोचन, पवन पुत्र अवतार, शक्ति की रफ़्तार!

ख़याल ही सम्भाल, हो गया, बेड़ा पार!
श्री हनुमतेय नमः🙏🏻🙏🏻

“सपना”
बैंकाक(थाईलैण्ड)

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