Aug 1, 2018 · गीत
Reading time: 1 minute

सावन गीत(भीगा भीगा जाये मेरे मन का आँगन )

प्यार की बरसात लेकर आया सावन
भीगा भीगा जाये मेरे मन का आँगन

गुनगुनाती रहती दिल में प्रीत ऐसे
धड़कनों में घुल गया संगीत जैसे
प्यार का कैसा अनोखा ये असर है
निखरा निखरा जाये मेरा साँवरा तन
भीगा भीगा जाये मेरे मन का आँगन

बादलों ने नैनों में काजल लगाया
रूप अपना फूलों ने मुझ पर लुटाया
धरती और आकाश ने भी प्यार के ही
सात रंगों से सजाया मेरा दामन
भीगा भीगा जाये मेरे मन का आँगन

सपनों में रहने लगी हूँ खोई खोई
जागती भी लगती हूँ मैं सोई सोई
हो गया है यूँ नशा मुझको पिये बिन
झूमा झूमा जाये मेरा बावरा मन
भीगा भीगा जाये मेरे मन का आँगन

01-08-2018
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

26 Views
Copy link to share
Dr Archana Gupta
996 Posts · 119k Views
Follow 72 Followers
डॉ अर्चना गुप्ता (Founder,Sahityapedia) "मेरी तो है लेखनी, मेरे दिल का साज इसकी मेरे बाद... View full profile
You may also like: