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है नहीं रुपयों के आगे प्यार का अब मोल

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गीत

August 6, 2016

है नहीं रुपयों के आगे प्यार का अब मोल
पड़ गए हैं आज रिश्तों में अनेकों झोल

काम कर दिन रात अपने खो रहा ये होश
अब युवाओं में नहीं दिखता पुराना जोश
फोन कंप्यूटर बना इनका अलग संसार
कल्पना के दोस्त सारे कल्पना का प्यार
बात में भी अब कहाँ मिलते मधुर वो बोल
है नहीं रुपयों के आगे प्यार का अब मोल

अब पुराने से नहीं है तीज औ त्यौहार
औपचारिकता लिए हैं आपसी व्यवहार
नौकरों पर आज निर्भर हो रहे परिवार
लुप्त होते जा रहें हैं इसलिए संस्कार
बस दिखावे के यहाँ पर बज रहे अब ढोल
है नहीं रुपयों के आगे प्यार का अब मोल

डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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