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*** साथ हमारे ईश्वर है ***

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

कविता

July 25, 2017

ये जीवन भँवर है

आशा और निराशा

इन दोनों के बीच का

भ्रमण पथ है

हम यह

कह सकते कि

हम आशावादी है

कब

तब्दिली

आ जाये इसमें

ये जीवन

तो नश्वर है

सदा सदा

साथ

हमारे ईश्वर है ।।

जहाँ वाद का

कोई स्थान

नहीं होता

अपवाद

जरूर होते हैं,

प्रतिवाद

नहीं होता ।।
?मधुप बैरागी

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Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना... Read more
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