साथ चलें जिन्दगी

आओ हम तुम साथ चलें ज़िन्दगी,
कुछ मैं तुमसे कदम मिलाऊँ ,
कुछ तुम मेरा साथ निभाओ ज़िन्दगी,
मैं तुम्हारी तरफ अपने हाथ बढ़ाऊं,
कुछ तुम मेरा हाथ पकड़ के आगे बढ़ाओ ज़िन्दगी,
मैं तुमको पाकर खुश बहुत खुश हूँ,
तुम भी तो मुझे देखकर मुस्कुराओ ज़िन्दगी,
मैं तुम्हारे बिना अधूरा हूँ अगर ,
तुम कब मेरे बिना पूरी हो ज़िन्दगी,
बहुत लम्बा सफर हमको पूरा करना है,
हम दोनों साथ मिलकर कदम बढ़ाएं ज़िन्दगी,
ज़माना देखकर जले हमारा साथ,
दोनों मिलकर कुछ इस कदर मुस्कुराएं ज़िन्दगी,
आओ हम तुम साथ चलें जिन्दगी ।।

“संदीप कुमार”

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