Skip to content

साथ चलें जिन्दगी

सन्दीप कुमार 'भारतीय'

सन्दीप कुमार 'भारतीय'

कविता

October 9, 2016

आओ हम तुम साथ चलें ज़िन्दगी,
कुछ मैं तुमसे कदम मिलाऊँ ,
कुछ तुम मेरा साथ निभाओ ज़िन्दगी,
मैं तुम्हारी तरफ अपने हाथ बढ़ाऊं,
कुछ तुम मेरा हाथ पकड़ के आगे बढ़ाओ ज़िन्दगी,
मैं तुमको पाकर खुश बहुत खुश हूँ,
तुम भी तो मुझे देखकर मुस्कुराओ ज़िन्दगी,
मैं तुम्हारे बिना अधूरा हूँ अगर ,
तुम कब मेरे बिना पूरी हो ज़िन्दगी,
बहुत लम्बा सफर हमको पूरा करना है,
हम दोनों साथ मिलकर कदम बढ़ाएं ज़िन्दगी,
ज़माना देखकर जले हमारा साथ,
दोनों मिलकर कुछ इस कदर मुस्कुराएं ज़िन्दगी,
आओ हम तुम साथ चलें जिन्दगी ।।

“संदीप कुमार”

Share this:
Author
सन्दीप कुमार 'भारतीय'
3 साझा पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं | दो हाइकू पुस्तक है "साझा नभ का कोना" तथा "साझा संग्रह - शत हाइकुकार - साल शताब्दी" तीसरी पुस्तक तांका सदोका आधारित है "कलरव" | समय समय पर पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित होती... Read more

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you