31.5k Members 51.8k Posts

"साड़ी"

Dec 2, 2020 10:10 AM

“साड़ी”

साड़ी एक वस्त्र नहीं
जो तन को ढक देती है

साड़ी में है लज्जा नारी की,
जो सबके मन को हर लेती है
साड़ी में है भावना नारी की,
जो प्रियतम संयोग से भर देती है।

साड़ी एक वस्त्र नहीं
जो तन को ढक देती है

साड़ी है स्वाभिमान नारी का,
साड़ी है पहचान
क्यूँ न करूँ अभिमान इसका,
जिसने दिया सम्मान।

साड़ी एक वस्त्र नहीं
जो तन को ढक देती है।

✍वैशाली
2.12.2020
जकार्ता

4 Likes · 3 Comments · 36 Views
Vaishali Rastogi
Vaishali Rastogi
SAMBHAL. MORADABAD
54 Posts · 3.9k Views
मुझे हिंदी में काफी रूचि है. विदेश में रहते हुए हिन्दी तथा अध्यात्म की तरफ...
You may also like: