Jan 13, 2021 · कविता

साक्षी बना मौन रहकर पालघर

ईश्वर भी मुआफ़ नहीं करेगा, है उसकी सब पे नज़र
निर्दोषों की हत्या का साक्षी बना मौन रह के पालघर

काश इन जोगियों के लिए बैठ जाये योगी आ कोई
हो जाये न्याय फ़िर मुख्यमंत्री बने कोई योगी अगर

भगवान समझ पोलिस के पीछे पीछे हुए दो योगी
क्या पता काल के आगे फेंक देंगे,मन मे लेके डर

लगाया वर्दी पे दाग़ उंन्होने करवा हत्या निर्दोष की
यहाँ जवाब पूछती जनता तो हो रही है अगर मगर

कोरोना से लड़ाई लड़े या धोये का वर्दी का ये दाग
जो लगाया बेईमानो ने साजिश जैसे कोई मन मे भर..

एक चुनौती जो दे रहे सब सन्यासी सुन लो राजा जी
प्रजा आपकी हम सब ठहरे करो न्याय प्रिये बन्धुवर. .?..….

दो सजा उन सबको जो इस घटनाक्रम में शामिल थे
जिस कारण स्वर्गलोक की पकड़ी सन्यासियों ने डगर

अशोक सपड़ा दिल्ली से

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स्नातक पास कविता लिखना व कार्टून बनाना अधूरा मुक्तक ,अधूरी ग़ज़ल, काव्यगंगा, हमारी बेटियां आदि...
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