23.7k Members 49.8k Posts

साकी सुरा पिला दे

साकी सुरा पिला दे,
सब गम मे’रे मिटा दे,

कर इस नशे से’ पागल,
खुद से मुझे मिला दे,

हैं आंख में बसा जो,
वो अक्स तू मिटा दे,

विरहन के’ शुष्क पल्लव,
तू बन हवा गिरा दे,

है प्यार सच का’ मेरा
उसका तू’ अब सिला दे,

पुष्प ठाकुर

Like Comment 0
Views 40

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
Pushpendra Rathore
Pushpendra Rathore
22 Posts · 546 Views
I am an engineering student, I lives in gwalior, poetry is my hobby and i...