Skip to content

साकार हो स्वप्न अच्छे दिन के नए साल में

आनंद बिहारी

आनंद बिहारी

गीत

December 30, 2016

मन मस्त हो, तन स्वस्थ हो, बुद्धि सकुशल नए साल में
आएं ना किसी भी प्रकार, किसी वायरस के जाल में….

व्यक्तिगत उन्नति पर्वत सदृश, परिवार में सबसे मेल रहे
हर खेल में जय अंकवार भरे और जीवन जैसे खेल रहे
हो हंसी-ख़ुशी माहौल सदा औ मस्ती रहे तेरी चाल में….

नापाक पडोसी को अक्ल आए, आग में ना ही घी डाले
जयचंदों की भी पोल खुले, न सफल हो मंसूबे काले
वीरों की जान भी प्यारी है, न जाएं काल के गाल में…

चहुँओर बढे हरियाली, केशरिया रंग भी खूब खिले
हो देश में अमनो-अमान यूँ कि श्वेत कपोत भी खूब उड़ें
साकार हो स्वप्न अच्छे दिन के, जनता खुश हर हाल में…

©आनंद बिहारी (30.12.2016)

Share this:
Author
आनंद बिहारी
गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ... Read more

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you