.
Skip to content

” ———————————————- साँसों के मधुवन से ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

September 5, 2017

मुस्कानों को सरल बनाना , सीखे कोई हमसे !
मर्यादा में रहना भी है , सचमुच हमें कसम से !!

लम्हों को गुलज़ार बना दें , ऐसे जादूगर हैं !
आसपास परिहास सिमटता , आँचल लिपटे तन से !!

उमड़ घुमड़ कर रूप सलोना , ऐसे छा जाता है !
नज़रें नहीं मिला पाते हैं , हम तो खुद दर्पण से !!

आंखों में अचरज यों तैरे , सब के भाव बदलते !
उम्र यहां उछला करती है , मतवारे नयनन से !!

अनगढ़ औ सयाने सब यहां , राय दिये जाते हैं !
हमें जीतना हैं गढ़ सारे , साधे सही जतन से !!

आंखों में उल्लास छिपाये , भाल सदा उन्नत है !
खुशबू यहां बिखेरा करते , सांसों के मधुवन से !!

तन मन सब गुलाब से महके , मौसम हुआ गुलबिया !
यहां प्रकृति रंग भरती है , सच में अपने रंग से !!

तुमने दी सौगातें ऐसी , पल पल चहक रहे हैं !
हमको साथ निभाना होगा , जानो कई जनम से !!

बृज व्यास

Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
Recommended Posts
हरदम खेल दिखाये
नए ज़िन्दगी देखो हमको हरदम खेल दिखाये अगर हँसाती हमें कभी तो ये ही हमें रुलाये एक मदारी है ईश्वर औ हम सब यहाँ जमूरे... Read more
माँ
माँ जनम दिया तुमने हमें , दिखलाया संसार और लुटाया माँ सदा , हम पर अपना प्यार केवल माँ तुम हो वजह,हम जो भी कुछ... Read more
हम सब फूल विविध वर्णों के
?????? हम सब फूल विविध वर्णों के, सतरंगी संसार बनायेंगे बैर-भाव से हमें जूझना, हेतु कवच के प्यार लगायेंगे ?????? विस्तृत वसुधा बने वाटिका, सौरभ... Read more
हम सब को मिलकर
????हम सब को मिलकर???? हम सब को मिलकर,नया भारत बनाना है सो रहा जो मानव हम में,उसे जगाना है हमजोली,हमराही है हम,चलना है हमें साथ... Read more