23.7k Members 50k Posts

सहज बने गह ज्ञान,वही तो सच्चा हीरा है |

जोब विष को पीना जाने, वह ही तो मीरा है|
मूरख के आगे, अक्ली की बोली तीरा है|
कड़क बात से सीख ग्रहण कर ले जो तज,स्व ताप|
सहज बने गह ज्ञान, वही तो सच्चा हीरा है|
……………………………………………..

2013 में प्रकाशित साहित्यकार Brijesh Nayak की (मेरी) कृति “जागा हिंदुस्तान चाहिए” का मुक्तक

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक”कृतियों के प्रणेता

24-04-2017

183 Views
Pt Brajesh Kumar Nayak
Pt Brajesh Kumar Nayak
155 Posts · 40.2k Views
1) प्रकाशित कृतियाँ 1-जागा हिंदुस्तान चाहिए "काव्य संग्रह" 2-क्रौंच सु ऋषि आलोक "खण्ड काव्य" 3-...