मुक्तक · Reading time: 1 minute

सहज बने गह ज्ञान,वही तो सच्चा हीरा है |

जोब विष को पीना जाने, वह ही तो मीरा है|
मूरख के आगे, अक्ली की बोली तीरा है|
कड़क बात से सीख ग्रहण कर ले जो तज,स्व ताप|
सहज बने गह ज्ञान, वही तो सच्चा हीरा है|
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2013 में प्रकाशित साहित्यकार Brijesh Nayak की (मेरी) कृति “जागा हिंदुस्तान चाहिए” का मुक्तक

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक”कृतियों के प्रणेता

24-04-2017

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