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” सर्र से , आँचल – सरकता जाये है ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

April 6, 2017

छट गये ,
बादल गम के !
होश खो बैठे ,
कसम से !
राह चलता कारवां –
मुझको बुलाये है !!

जाने कब ,
नज़रें मिली थी !
यादें लेकिन ,
चुलबुली थी !
सरसराती हवाऐं –
महकी जायें हैं !!

एक नज़र ,
झलक पा के !
हम तो गये ,
इठला से !
लाज आंखों में बसा –
हम मुस्कराये हैं !!

फिर मिलें ,
वादा ये करना !
वक़्त से भी ,
थोड़ा डरना !
हाथ अपने कुछ नहीं –
चाहत जगाये हैं !!

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Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
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