सर्दी

कोहरा खेले आजकल, चोर सिपाही खेल
सूरज को खुद में छिपा,धूप भेज दी जेल

बर्फीली चलती हवा, चला रही है तीर
पहने मफलर कोट पर, बदन रही है चीर

सर्दी कैसी पड़ रही , बड़ी हो रही पीर
वार करे तलवार सा, ठंडा ठंडा नीर

कपड़े पहने ठंड में, लगे आदमी प्याज
इतना इनका भार है, मुश्किल करने काज

डॉ अर्चना गुप्ता

Like Comment 0
Views 104

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing