सर्दी

प्रत्यावर्तन मानसून का
मौसम में बदलाव
हर ऋतु में सिहरन छायी
सर्दी का ठहराव |

एसी कूलर दुबक गये सब ,
कम्बल बाहर आये |
जलने लगे अलाव घरों में ,
खूब रजाई भाये |

खड़ी कोट कोहरे का पहने,
देखो दशो दिशायें |
धुंध हंसे बाहों में नभ की ,
सूरज निकल न पाये |

पक्षी भी कलरव कम करते ,
है हर ओर शिथिलता |
बजे सरगमें दांतो से जब,
कैसे कोई नहाये |

हवा मजीरों सी बजती है ,
कान मांगते टोपी |
कोफी चाय पकौडों के संग,
बस बिस्तर में भाये |
मंजूषा श्रीवास्तव

Like Comment 0
Views 14

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share