हाइकु · Reading time: 1 minute

“सरहद”

(1)
देश को चैन
“सरहद” पे जागे
रक्षक नैन
(2)
उड़ते पंछी
“सरहदों” के पार
सिमटे इंसां
(3)
दीवाली गोली
“सरहद” त्यौहार
खून की होली
(4)
आतंकी बोली
“सरहद” छलनी
घृणा की गोली
(5)
हथेली प्राण
“सरहद” की रक्षा
मिटे जवान

स्वरचित
ऋतुराज दवे

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