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सरस्‍वती वन्‍दना

bharat gehlot

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कविता

February 22, 2017

हे मॉं शारदे कष्‍ट तु नि‍वार दे,
शब्‍दों का ज्ञान दे मॉं,

तम से उबार दे मॉं,
उतकंठा मन की मि‍टा मॉं,
जीवन सवार दे,
कभी भी भूल से अंहकार हो न मन में,
ऐसा वरदान दे मॉ,
शब्‍द में पकड हो मॉं,
कलम को नि‍खार दे मॉं,
कि‍सी से नहीं डरे मॉं,
ऐसा अभय वरदान दे मॉं,
तम को मि‍टा के मॉं तु,
जगती को प्रकाश दे मॉं,
नेह में हमारे मॉं तु,
ज्‍योति‍ कुुंज वार दे मॉं,
हे मॉं शारदे कष्‍ट तु नि‍वार दे,

भरत कुमार गहलोत
जालोर, राजस्‍थान
सम्‍पर्क सूत्र 7742016184

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