गीत · Reading time: 1 minute

सरस्वती वन्दना

माँ सरस्वती वंदना

माता नाम सरस्वती मातृ और शाश्वत कर्म विधाता है,
वो मेरी सरस्वती माता है, वो मेरी सरस्वती माता है.

1) हैं हाथ में वीणा लिए, सिर पर शुशोभित है मुकुट,
देतीं उबार अज्ञान से और ज्ञान उनका है विकट,
वो श्वेत वस्त्र विभूषणी , संगीत की जन्मदाता हैं
वो मेरी सरस्वती माता…………..

2) हैं ज्ञान का भंडार वो, जननी विद्या की खान वो ,
जो पा सकें आशीष न समझो बड़ा नादान वो,
वो ज्ञान की जननी मेरी माँ, मेरी कर्मफलदाता हैं।
वो मेरी सरस्वती माता…………..

3) है ज्ञान विद्या का दिया, अज्ञान सारे हर लिए ,
हैं कण्ठ में माता सदा, संगीत का आलय दिए,
वो ज्ञान की प्रतिमा मेरी माँ, मेरे भाग्य की निर्माता हैं.
वो मेरी सरस्वती माता……………

4) वो दे रहीं बस मान हैं, सम्मान के काबिल किया ,
संकट कभी आया अगर, क्षण भर में उसको हर लिया,
वो ज्ञान देवी माँ-स्वरूपा, सकल विश्व जगमाता हैं.
वो मेरी सरस्वती माता……………..

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