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सरस्वती वंदना

Dr Meenaxi Kaushik

Dr Meenaxi Kaushik

गीत

February 1, 2017

माँ शारदे माँ शारदे
जय तेरी हो माँ शारदे…..

श्वेतवसना कमलासना
हंसवाहिनी वीणावादिनी
ग्यान की ज्येत जगा दे
जय तेरी हो……..

सरगम के सुर सजाकर
वीणा की तान सुनाकर
प्रेम की रसधार बहा दे
जय तेरी हो……

मैं हूँ तेरी दासी माता
तेरे बिन ना कुछ भी भाता
बस अपने चरणों की धूल बना दे
जय तेरी हो…..

मान न हो अबिमान न हो
भकि्त से पैदा ग्यान भी हो
बस ऐसी सुरति लगा दे
जय तेरी हो……..
डॉ मीनाक्शी कौशिक रोहतक

Author
Dr Meenaxi Kaushik
मांगा नही खुदा से ज्यादा बस इतना चाहती हूँ, करके कर्म कुछ अच्छे सबके दिलों मे रहना चाहती हूँl ईश वन्दना जन सेवा कर जीवन बिताना चाहती हूँ, हर पल हर चेहरे पर मुस्कुराहट लाना चाहती हूँ ||
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