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सरस्वती वंदना | अभिषेक कुमार अम्बर

Abhishek Kumar Amber

Abhishek Kumar Amber

गीत

August 28, 2016

हे माता मेरी शारदे
तू भव से उतार दे।
बुद्धि को विस्तार दे
ज्ञान का भंडार दे।
हे माता मेरी शारदे।
दूर सब अँधेरे हो
ज्ञान के सवेरे हो।
सुबुद्धि दे ज्ञान दे
सपनों को उड़ान दे।
हे माता मेरी शारदे।
मिटे जुलम की दास्ताँ
न कोई पाप हो यहाँ।
हर तरफ प्यार हो
न कोई तकरार हो।
हे माता मेरी शारदे।

©अभिषेक कुमार अम्बर

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Author
Abhishek Kumar Amber
नाम- अभिषेक कुमार तख़ल्लुस- अम्बर जन्म- 07 मार्च 2000 जन्मस्थान- मवाना मेरठ उत्तर प्रदेश। विद्या- हास्य व्यंग्य, ग़ज़ल, गीत , छंद आदि। अभिषेक अम्बर का जन्म 07 मार्च 2000 को मेरठ के मवाना कसबे में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से... Read more
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