समाजसेवा परमोः धर्मः को सही साबित कर रही बिहार की बेटी काजल यादव

काम बोलता है , यह सिर्फ सुना था चुनावो के मंच पर , लेकिन इसे जब हकीकत मे देखा तब पता चला कि वाकई मे काम भी बोलता है । ऐसे ही है महात्मा बुद्ध के तपोभुमि,ज्ञानियो के पवित्र धरती पर जन्मे काजल यादव । जिन्हौने अपनी कार्यो के बल पर पुरे बिहार ही नही ब्लकि पुरे भारत मे एक अलग पहचान बना चुकी है । अपने संकल्प के बल पर ये समाज मे ज्ञान की ज्योति जला रही है ,और शिक्षित भारत समृद्ध भारत मे अपना पुरा योगदान दे रही है। अशिक्षा के अंधकार को शिक्षा की मशाल जलाकर नई रोशनी देने का कार्य कर रही है ।
आज यही कारण है कि काजल जी किसी पहचान की मोहताज नही है , जब भी भारत मे नारी शक्ति को लेकर नाम लिया जाता है । उसमे इनका नाम आना तय है ।
काजल यादव बहुत ही कम आयु से ही समाजसेवा का डोर पकड़ ली थी ।उनका मानना है कि दुसरो का सहयोग करने के लिए ही मानव देह मिला है । क्योकि जब आप दुसरो की मदद नही करते तो यह देह किस काम की । वैसे भी जब पशु अपने दुसरे साथी का सहयोग करना नही छोड़ती तो फिर तो हम इंसान है ।
काजल जी अपनी पढ़ाई पुरी करने के बाद लोगो के बीच शिक्षा की अलख जगाने मे लग गई , उनकी पहली प्राथमिकता गरीब , स्लम परिवार के बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने का है । वे लोगो से मिलकर बच्चो को विधालय भेजने के लिए प्रेरित करती है ।
अभी काजल जी और इनके द्धारा संचालित एन.जी.ओ. – इन्द्रप्रस्थ एजुकेशनल रिसर्च एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट के द्धारा ग्रामीण इलाके मे फ्री हेल्थ चेकअप, जागरूकता शिविर , एवं बेरोजगार महिलाओ को सिलाई-कढ़ाई, सेल्फ डिफेंस सिखाकर उन्हे सशक्त बनाकर अपनी रोजगार हेतु प्रोत्साहन करने का अद्भुत कार्य कर रही है ।
उनके कार्यो और समपर्ण भाव को देखते हुए कई पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है । जिसमे मुख्य – राष्ट्रीय समाज गौरव सम्मान,बीसीआर अचीवर्स अवार्ड, इंडिया आइकॉन अवार्ड, महिला साहस सम्मान, क्लीन इंडिया अवार्ड, द लीजेण्ड अवार्ड ऑफ इंडिया, अखिल भारतीय शौर्य पुरस्कार है ।यह सारे अवार्ड इनके कार्यो मे मानो पंख लगा दिया हो। आज इनके कार्य और भी तेज हो गया है , इनके नेक इरादे, और लोगो से संवाद के तरीके उन्हे इस मुकाम पर पहूंचा दिया , जहॉ वे युवाओ के प्रेरणाश्रोत्र बन गये है । कई युवा इनके नक्शे कदम पर चलना आरंभ कर दिया है। अभी फिलहाल इन्हौने ग्रामिण स्तर पर पुस्तकालय की नींव रखी है । जिसे जल्द पुरा करने का विचार है।

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