गीत · Reading time: 1 minute

==* समां फिर रुक गया *==

समां फिर रुक गया मानो की कोई यार आया है!
बहोत दिन बाद जो देखा वो बिता प्यार आया है!!

वो आंखे थी कि जैसे कह रही हो हम तो अपने है!
खजाना मीठी बातों का तड़पकर पार आया है!!

अगर हम भूलना चाहे लबों की मुस्कुराहट वो!
दिलाने याद फिर हमको वो खबरदार आया है!!

हम तो बैठे बड़े आराम से कुछ सोच जारी थी!
यहां हम सोचने बैठे देखा दिलदार आया है!!

देखो हम छोड़ बैठे थे उम्मीदें हँसने गाने की!
शशि के वासते लेकर खुशी का हार आया है!!

समा फिर रुक गया मानो की कोई यार आया है
बहोत दिन बाद जो देखा वो बिता प्यार आया है
———————-//**–
शशिकांत शांडिले, नागपूर
भ्रमनध्वनी – ९९७५९९५४५०

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