.
Skip to content

==* समां फिर रुक गया *==

SHASHIKANT SHANDILE

SHASHIKANT SHANDILE

गीत

July 14, 2017

समां फिर रुक गया मानो की कोई यार आया है!
बहोत दिन बाद जो देखा वो बिता प्यार आया है!!

वो आंखे थी कि जैसे कह रही हो हम तो अपने है!
खजाना मीठी बातों का तड़पकर पार आया है!!

अगर हम भूलना चाहे लबों की मुस्कुराहट वो!
दिलाने याद फिर हमको वो खबरदार आया है!!

हम तो बैठे बड़े आराम से कुछ सोच जारी थी!
यहां हम सोचने बैठे देखा दिलदार आया है!!

देखो हम छोड़ बैठे थे उम्मीदें हँसने गाने की!
शशि के वासते लेकर खुशी का हार आया है!!

समा फिर रुक गया मानो की कोई यार आया है
बहोत दिन बाद जो देखा वो बिता प्यार आया है
———————-//**–
शशिकांत शांडिले, नागपूर
भ्रमनध्वनी – ९९७५९९५४५०

Author
SHASHIKANT SHANDILE
It's just my words, that's it.
Recommended Posts
मुक्तक
इरादा खुदकुशी का था, इसी से प्यार कर बैठे इरादा कत्ल का भी था, कि हम इकरार कर बैठे इरादा भी था बादल का, मोहब्बत... Read more
वो क्या है!!
तुम हो कि हद मे रह नहीं पाते हम है कि यह सब सह नहीं पाते। वो क्या है जो तुम सुनने को बेताब हो... Read more
उनकी जिद
समझ आया ही नहीं कभी हमे उनका शौके मिजाज, और वो बने रहे बस खुद में ही नबाब, कई बार कोशिस की हमने उन्हें जानने... Read more
इंतजार मान के बैठे हैं
मुक्तक नाज़ुक सी बातों को हम भी प्यार मान के बैठे हैं,, उनके दिल में जो अपना अधिकार मान के बैठे हैं,, भूल गए वो... Read more