समसामयिक भाव रचना

सहनशीलता की चरम है, आक्रोशित हैं लोग।
जय श्रीराम भड़काऊ है, कहते राक्षस लोग।।
अरबों की जनसंख्या में सिर्फ मिले उनचास।।
ऐसे दुष्ट पिशाचों का, कर दो पूर्ण विनाश।।

आज़म खान का संसद में आपत्तिजनक बयान-
संसद में कुछ बेशर्म, करते हद हैं पार।
संसदीय मर्यादा को, कर डाला तार- तार।।
गली मोहल्ले लड़ने वाले, जो बने हुए हैं नेता।
पद पाए वो ऐसे गरजै, अब न छोड़िहैं रेता।

(30-7-2019 को तीन तलाक़ विरोधी बिल पास हुआ )
तीन तलाक़ से मुक्ति मिली, पारित हो गया बिल।
अब मुस्लिम महिलाओं के, ना घायल होंगे दिल।।

(6-8-2019 जम्मू कश्मीर से धारा 370 का अंत)
बड़ा बड़ा करते रहे इससे बड़ा क्या होय।
भारत में कश्मीर का सम्पूर्ण विलय अब होय।।

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like 2 Comment 0
Views 3

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share