समय चक्र चल रहा निरंतर, गढ़ता नई कहानी

समय चक्र चल रहा निरंतर,गढ़ता नई कहानी
सुख-दुख बीत रहे जीवन के, हर युग की यही कहानी
क्या-क्या देखा इन आंखों से, और क्या-क्या देख रहा हूं
क्या-क्या देखूंगा इस जग में, यह रीत है बड़ी पुरानी
समय चक्र चल रहा निरंतर, गढ़ता नई कहानी……

होता आया है पुण्य पाप, इसको भी है समय का शाप
आगे भी मैं देखूंगा, इसकी यही निशानी
समय चक्र चल रहा निरंतर, गढ़ता नई कहानी……

जीवन एक दरिया सा बहता, अनुभव इतिहास कहाया
सीख लिया अनुभव से अपने, वर्तमान में अपनाया
क्या-क्या होगा आगे अब, ये किस्सा है रूमानी
समय चक्र चल रहा निरंतर, गढ़ता नई कहानी……

जन्म और मृत्यु की दूरी, जीवन है हर प्राणी का
आशा और निराशा जीवन, सुख-दुख धरती सारी का
मानवता पर ढेरों संकट, कई गए और आए
हिंसा आपदा बीमारी, गिनती गिनी न जाए
जीती है मानवता हरदम , यह बात सभी ने मानी
समय चक्र चल रहा निरंतर, गढ़ता नई कहानी……

आज जो संकट मानवता पर, कैरौना का आया
उग्र रूप से फैल रहा, दुनिया को बहुत डराया
डरो नहीं हो सावधान, यह बीमारी हमें हरानी
समय चक्र चल रहा निरंतर, गढ़ता नई कहानी…
सुख-दुख बीत रहे जीवन के, हर युग की यही कहानी…..

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