कविता · Reading time: 1 minute

समय के साथ

जो समय के साथ थे ,
आगे बढ़े ।

उन्नति की सीढ़ियां ,
वो ही चढ़े ।।

जो प्रतीक्षा समय की ,
करते रहे ।
वो समय के साथ ही ,
मरते रहे ।।

जो घरोंदे में सिमट ,
सोते रहे ।
रोटियों को ता उमर ,
रोते रहे ।।

जिन्होंने पाषाण से ,
पर्वत गढ़े ।
उन्होंने न ग्रंथ थे ,
कोई पढ़े ।।

जो समय के साथ थे ,
आगे बढ़े ।
उन्नति की सीढ़ियां ,
वो ही चढ़े ।।

1 Comment · 41 Views
Like
Author
183 Posts · 7.1k Views
Govt.Teachar . In dist.narsinghpur(mp)
You may also like:
Loading...