.
Skip to content

समय का सदुपयोग करो।

Rishikant Rao Shikhare

Rishikant Rao Shikhare

लेख

March 20, 2017

एक सेकेण्ड जो मौत से बचा हो।
एक मिनट जिनकी ट्रेन छूट गयी हो।
एक घंटे जो किसी का इंतज़ार किया हो।
एक दिन जो पीड़ा के मारे दर्द से कराह रह हो।
एक वर्ष जो अपना मूल्यवान ज़िन्दगी व्यर्थ कर दिया हो।

Author
Rishikant Rao Shikhare
चुराकर दिल मेरा वो बेखबर से बैठे हैं;मिलाते नहीं नज़र हमसे अब शर्मा कर बैठे हैं;देख कर हमको छुपा लेते हैं मुँह आँचल में अपना; अब घबरा रहे हैं कि वो क्या कर बैठे हैं