समयचक्र गति में

समयचक्र गति में तू भी चलता जा
लेके अपने हंसी सपनो को उड़ता जा
सूरज फिर ढल के कल उदित होगा
तेरे होंगे सपने साकार आगे बढ़ता जा

सूरज उदित हुआ है आई है नयी बेला
सूरज के साथ-साथ तू भी चलता जा
न होना पथ से विमुख मान के हार
नयी उत्साह के साथ आगे बढ़ता जा

आज मिला जो नहीं मिलेगा फिर कल
तू मंज़िल की ओऱ सरिता बन बहता जा
मिटा अपने अंदर से अज्ञानता की कालिमा
अपने ज्ञान की हर द्धार तू खोलता जा

धैर्य साहस से काम ले न हो निराश
धीरे-धीरे सफलता की सीढ़ी चढ़ता जा
समयचक्र गति में कमर कस ले अपना
मुश्किलो की सामना मुस्कुरा के करता जा

मेहनत से बनती है सबका भाग्य यहाँ पर
जो किया है उम्मीद उसे सच करता जा

लिखे जयेंगे फिर से एक नया इतिहास
ज़िन्दगी है रणभूमि योद्धा बन लड़ता जा

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दुष्यंत कुमार पटेल
दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"
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नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing -...
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