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समझौते की कुछ सूरत देखो

sushil yadav

sushil yadav

गज़ल/गीतिका

January 10, 2017

समझौते की कुछ सूरत देखो
है किसको कितनी जरूरत देखो

ढेर लगे हैं आवेदन के अब
लोगो की अहम शिकायत देखो

लूटा करते , वोट गरीबों के
जाकर कुनबो की हालत देखो

भूखों मरते कल लोग मिलेंगे
रोटी होती क्या हसरत देखो

फैला दो उजियारा चार तरफ
एक दिए की कितनी ताकत देखो
सुशील यादव
दुर्ग

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sushil yadav
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