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*** समंदर बताता है ***

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

शेर

October 9, 2017

समंदर बताता है कभी वह अपने पर इठलाता है

शहर के शहर बह जाते है तनिक जब मुस्कुराता है ।।

?मधुप बैरागी

नहीँ बोल पाते कब मिश्री घोल पाते

बिनमोल बिक जाते कब तोल पाते

ब्रत करवा- करवा पाते कब अपना

बताओ ओर कब हम घर बोल पाते ।।
?मधुप बैरागी

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Author
भूरचन्द जयपाल
From: मुक्ता प्रसाद नगर , बीकानेर ( राजस्थान )
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना... Read more
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