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सभ्यता गड़े मुर्दे तथा न्यायालय कैसे मरे पूरजोर.

सभ्यता सिखाती है.
गडे़ मुर्दे कैसे उखाड़े.
.
और न्यायालय
जिंदा इंसान कैसे मरे.
.
हमारी आशा है.
मुर्दा कैसे जीवित हो.
.
आज भी सभ्यता आगे है.
खूब उखाड़ो गड़े मुर्दे.
.
पर जिंदा लोगों के लिये अड़चन बनते रहो
सबकुछ मुर्दो के पीछे घूमता है ।।

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