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सभी मूर्तियाँ मिटटी निर्मित या केवल पाषण हैं

Dr. Harimohan Gupt

Dr. Harimohan Gupt

गीत

February 4, 2017

सभी मूर्तियाँ मिटटी निर्मित या केवल पाषण हैं,
मात्र भावना है यह मन की, इसीलिए भगवान हैं l

आदि काल से ही मानव ने किया स्रजन है,
छैनी और हतोड़ी का ही किया चयन है l

जाने कितनी प्रतिमाएं गढ़ गढ़ कर छोड़ी,
लेकिन कुछ में श्रद्धा मान किया अर्पण है l

प्राण प्रतिष्ठा हुई तभी तो, वे जग में पहिचान हैं ,
मात्र भावना है यह मन की, इसीलिए भगवान हैं l

द्रष्टि हमारी समुचित हो बस यही मानना,
मन पवित्र हो, बीएस वैसी ही बने भावना l

शीष झुकाया हर पत्थर शिव शंकर जैसा.
मन में ही विश्वास जगा, तब बनी धारणा l

घन्टे, घडियाले जब बजते, पाते तब सम्मान हैं,
मात्र भावना है यह मन की, इसीलिए भगवान हैं l

मन्त्र जगाया हमने ही तो जन मानस में,
श्रद्धा औ विश्वास जगाया है साहस में l

निष्ठा और लगन ने ही जब साथ दे दिया,
उन्हें बनाना सचमुच में अपने ही वश में l

ऊँचे आसन पर बैठाया, तब वे हुए महान हैं,
मात्र भावना है यह मन की, इसीलिए भगवान हैं l

जिनको हमने पूजा वह आराध्य हो गया,
साधन से जो मिला, वही तो साध्य हो गया l

रोली,चन्दन, अक्षत या नैवेद्य चढाया ,
मिली भावना, वर देने को वाध्य हो गयाl

हमने पूजा, सबने पूजा, अब देते वरदान हैं,
मात्र भावना है यह मन की, इसीलिए भगवान हैं l

— डॉ. हरिमोहन गुप्त

Author
Dr. Harimohan Gupt
डॉ. हरिमोहन गुप्त को मैंने निकट से देखा है l 81 वर्ष की आयु में भी उनमें युवा शक्ति है l अभी भी चार घंटे प्रतिदिन मरीजों को देते हैं और शेष समय साहित्य साधना में l ये जिला जालौन... Read more
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