सब्र

सभी कहते है सब्र करो
सब्र का फल मीठा होता है ।
बरसो से तो सब्र ही करते आ रही हूँ
पर ना जाने इसका फल कब मिलेगा ।
कहते है सब ईश्वर पर विश्वास रख,
समय आने पर वह झोली भर देगा ।
तकदीर में जो है वो तुम्हें मिलकर रहेगा,
लाख छटपटाओ समय से पहले कुछ ना मिलेगा ।
बस करता जा कर्म अपना जब वक़्त आयेगा,
तब तेरे आगे पूरा जमाना झुकेगा ।
अंधेरी रात भी कट जायेगी मंजिल भी मिल जाएगी,
तू सब्र कर एक दिन तेरी मेहनत रंग लायेगी ।

भावना कुमारी
समस्तीपुर

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 11

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share