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सबसे बड़े दानी….

CM Sharma

CM Sharma

मुक्तक

February 14, 2017

सितारे उसकी मांग में आ सजे थे सारे…
नूरे माहताब की बलाएं ले रही थी बहारें…
खनकती कलाइयों के जो हार गले आ लगे…
दिल रोया बहुत बेटी जाती देख और द्वारे…

कैसी रीत है ये त्याग की बनी दुनिया में…
विदा कर रहे उसे पाला था जिसे नाज़ों में….
है नहीं दुनिया में माँ बाप से बड़ा दानी कोई…
ख़ुशी से दे टुकड़ा दिल का रोये अंतस ही में…
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सी. एम्. शर्मा

Author
CM Sharma
उठे जो भाव अंतस में समझने की कोशिश करता हूँ... लिखता हूँ कही मन की पर औरों की भी सुनता हूँ.....
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