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सबसे बडा भूत

krishan saini

krishan saini

कविता

January 14, 2017

जब मै छोटा बच्चा था
दादी माँ ने सुनाया जो मुझे
वो भूतो का किस्सा था
मै दिल का कच्चा था
भूतो से डरना तब
मेरे जीवन का इक हिस्सा था
धीरे-धीरे बडा हुआ मै
लगी पता मुझे वास्तविकता
नही है कोई भूतो का अता-पता
भूतो का वो किस्सा केवल किस्सा था
आज के वैंज्ञानिक युग मे
उनका न कोई हिस्सा था
पहली बार मेने जब अखबार खोला था
उसमे छपा किसी हत्या का डिंडोरा था
दूसरे दिन खोला तो
उसमे थी खबर की
बेचारी अबला पर किसी ने
कर दिया तेजाबी हमला था
तीसरे दिन अखबार खोला तो
आतंकवाद का बोलबाला था
रोज-रोज देखकर यह सब
समझ मुझे ये आया था
की भूतो का नाम तो
किसी इंसान ने खराब किया था
क्योकि धरती पर इंसान से बडे भूत ने
जन्म ही नही लिया था।
कृष्ण सैनी

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Author
krishan saini
पता-विराटनगर जयपुर(राजस्थान) जीवन को मॉ शारदे की सेवा मे लगाने का सपना Mo.no.-9782898531 Twitter-krish24496
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