मुक्तक · Reading time: 1 minute

“सबक गीता से कुछ लेकर , सजाता जिंदगी अपनी “

*************************************
बहुत मैला हुआ है मन , जहर दिल में भरा है क्यूँ ।

तुम्हारें पाप सर चढ़कर , बुलाते हैं डरा है क्यूँ ।

सबक गीता से कुछ लेकर , सजाता जिंदगी अपनी ,

धरा पर बोझ बन लेकिन , तु जीते जी मरा है क्यूँ ।

**************************************
वीर पटेल

61 Views
Like
25 Posts · 2.4k Views
You may also like:
Loading...