"सबक गीता से कुछ लेकर , सजाता जिंदगी अपनी "

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बहुत मैला हुआ है मन , जहर दिल में भरा है क्यूँ ।

तुम्हारें पाप सर चढ़कर , बुलाते हैं डरा है क्यूँ ।

सबक गीता से कुछ लेकर , सजाता जिंदगी अपनी ,

धरा पर बोझ बन लेकिन , तु जीते जी मरा है क्यूँ ।

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वीर पटेल

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