May 17, 2021 · कविता
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सबको है इंतजार

इस जहां में सभी लोगों को
कुछ न कुछ तो होता है इंतजार
जो पैदा हुआ है किसी भी रूप में
करता रहता है वो रोज़ इंतजार।।

जो पैदा होता कोई यहां उसे
जवां होने का रहता है इंतजार
जब वो जवां हो जाता है तो
फिर वही बुढ़ापे का इंतजार।।

मां बाप को बच्चों का इंतजार
फिर उनके बड़े होने का इंतजार
बड़े हुए तो शादी का इंतजार
फिर उनके भी बच्चों का इंतजार।।

बचपन में खिलौने मिल जाए
सबको यही रहता है इंतजार
दोस्तों संग खेल पाए ज्यादा
हरपल यही रहता है इंतजार।।

किसी को नौकरी का इंतजार
किसी को है दुल्हन का इंतजार
किसी को दूल्हे का है इंतजार
हर तरफ बस इंतजार ही इंतजार।।

आशिक को उसकी मेहबूबा का
पपीहे को बारिश का इंतजार
भूखे को होता रोटी का इंतजार
और प्यासे को पानी का इंतजार।।

मिट जाए गम जिसे छुपाते है हंसी से
उन हंसते चेहरों को भी है ये इंतजार
इंतजार है सच्चे प्रेमियों को भी
कब परवान चढ़ेगा उनका प्यार।।

जिन बूढ़ी आंखों ने सपने देखे कभी
उनको भी है सपने पूरे होने का इंतजार
हमको भी है आपको भी है इंतजार
जिंदगी में कुछ अच्छा होने का इंतजार।।

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Surender sharma
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