गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

” —————————————– सबको पता है ” !!

हैं कहाँ पर हम खड़े , सबको पता है !
ताजपोशी हो रही , सबको पता है !!

जो लिखा पढ़ते वही , तुम जानते हो !
गलतियां होती कहाँ , सबको पता है !!

है विवशता यह कहें , हिन्दू ही हैं हम !
पर्दे में जो सच छुपा , सबको पता है !!

वोटरों से मिन्नतें , वादे लुभावन !
कौन रखता याद फिर , सबको पता है !!

मंदिर चढ़े मस्जिद नहीं , वोटरों पर है !
सेंधमारी कर रहे , सबको पता है !!

हम कहाँ हारे अभी , द्वार खुलवा कर !
बात टिकती न्याय पर , सबको पता है !!

कुर्बानियां देकर अगर , हम हैं टिके तो !
फैसला जनता करे , सबको पता है !!

बृज व्यास

62 Views
Like
You may also like:
Loading...