Apr 12, 2021 · कविता
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सफेद लिबास में फरिश्ते

लंबी लंबी कतारों में
लोग पंजीकरण करवा रहे है
चिकित्सा सुविधा लेने के लिए
कई फॉर्म भरवा रहे है ।।

बड़ी मशकत के बाद
चिकित्सक से परामर्श ले रहे है
यही तो जरूरत है जो
मरीजों की उम्मीदें जगा रहे है।।

जरूरत के हिसाब से
मरीजों को भर्ती भी कर रहे है
अरे ये क्या यहां तो
एक बिस्तर पर दो मरीज भर रहे है।।

कोई जिंदगी से हारे है
कोई मौत को हरा रहे है
यहां पर तो हर कोई
पीड़ा से कराह रहे है।।

मंजर है कष्टदायी ये
क्या क्या दिखा रहा है
कोई स्ट्रेचर पर तो कोई
व्हील चेयर पर आ रहा है।।

सबकी अपनी पीड़ा है
लेकिन सबको उम्मीद भी है
कर देंगे वो हमें ठीक
चिकित्सक से ये आस भी है।।

कहते है सफेद लिबास में आते है फरिश्ते
आज मुझे ये भी देखने को मिल गया
जब अंतिम सांसे गिन रहे मरीज की
फरिश्ता बन चिकित्सक जान बचा गया।।

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Surender Sharma
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